विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, वाराणसी के पदाधिकारी श्री माया शंकर तिवारी ने आरोप लगाया है कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन और चेयरमैन निजी घरानों के साथ मिलीभगत कर कौड़ियों के दाम 42 जनपदों का बिजली का निजीकरण करने में लगे हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, वाराणसी के सह संयोजक श्री वेद प्रकाश राय ने आरोप लगाया है कि पॉवर कारपोरेशन शीर्ष प्रबन्धन और चेयरमैन की निजी घरानों के साथ मिलीभगत है। इसी दृष्टि से झूठा शपथ पत्र देने वाले ग्रांट थॉर्टन को निदेशक वित्त निधि नारंग से क्लीन चिट दिलाई गयी है। यह चर्चा है कि निदेशक वित्त निधि नारंग पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन और कारपोरेट घरानों के बीच मिलीभगत में सेतु का काम कर रहे हैं। एक बड़े कारपोरेट घरानें के प्रबन्ध निदेशक बयान दे चुके हैं कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु बनाया गया आरएफपी डॉक्यूमेंट उनसे चर्चा करके बनाया गया है और उनकी कम्पनी निजीकरण का टेण्डर डालने हेतु उत्साहित है। संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन ने बढ़ाकर घाटा दिखाने हेतु नियामक आयोग को सौंपे गये एआरआर को पुनरीक्षित किया है।
संघर्ष समिति के सह संयोजक श्री नरेन्द्र वर्मा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में वर्ष 2017 में 41 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024 में एटी एण्ड सी हानियां 16.5 प्रतिशत रह गयी हैं। किन्तु 2025-26 के लिए पॉवर कारपोरेशन द्वारा दिये गये एआरआर में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की 2024-25 में 18.49 प्रतिशत हानियों के सापेक्ष बढ़ाकर 36.08 प्रतिशत और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में 2024-25 में 18.97 प्रतिशत के सापेक्ष बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 28.48 प्रतिशत हानियां दिखाई गयी हैं। सवाल यह है कि आरडीएसएस स्कीम में प्रणाली सुधार में हजारों करोड़ रूपये खर्च करने के बाद बढ़ी हुई हानियां किस आधार पर दिखाई गयी हैं। साफ है कि निजीघरानों को लाभ दिलाने हेतु बढ़ा-चढ़ा कर प्रबन्धन घाटा दिखाया जा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इसी प्रकार लाखों करोड़ रूपये की परिसम्पत्तियां निजी घरानों को कौड़ियों के मोल बेचने के लिए साजिश रची जा रही है। 42 जनपदों की सारी जमीन मात्र 1 रूपये की लीज पर निजीघरानों को देने की तैयरी है। संघर्ष समिति निजीकरण के पीछे हो रहे घोटालों का चरणबद्ध ढंग से खुलासा करेगी।
संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन ने कल यह धमकी दी है कि अनुशासनहीनता करने वाले अभियन्ताओं को नगरीय क्षेत्र से स्थानान्तरित किया जाये और 15 जून से पहले ऐसे अभियन्ताओं की सूची भेजी जाये जिन्हें प्रशासनिक आधार पर स्थानान्तरित किया जाना है। संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के विरोध में विगत 06 माह से चल रहे आन्दोलन से बौखलाये हुए पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन उत्पीड़न पर उतर आये हैं। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से वे लगातार अभियन्ताओं को डरा-धमका रहे हैं और धमकी दे रहे हैं। सवाल यह है कि निजीकरण के विरोध में शान्तिपूर्वक आन्दोलनरत बिजली कर्मी जो सर्वोच्च प्राथमिकता पर उपभोक्ता सेवाओं को अटेण्ड कर रहे हैं, किस अनुशासनहीनता के दोषी हैं जिसके लिए चेयरमैन उन्हें नगरीय क्षेत्र से बाहर स्थानान्तरित करने का आदेश दे रहे हैं।
आज लगातार १९१ वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रान्तव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आज मुख्यतया वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, हरदुआगंज, जवाहरपुर, परीक्षा, पनकी, ओबरा, पिपरी और अनपरा में विरोध प्रदर्शन किया गया।
वाराणसी में सभा की अध्यक्षता श्री संतोष वर्मा ने और संचालन श्री वेद प्रकाश जी ने किया ।
आज की सभा को मुख्य रूप से
सर्वश्री नीरज बिंद,वेद प्रकाश राय,माया शंकर तिवारी,नरेन्द्र वर्मा,संदीप कुमार, ओ0पी0सिंह,उपेंद्र कुमार,सियाराम यादव, अरविन्द यादव,दीपक गुप्ता,रवींद्र,विजय नारायण हिटलर,राजेश सिंह आदि ने संबोधित किया।
वेद प्रकाश राय
सह-संयोजक
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति,
वाराणसी



