हिन्दू विश्वविद्यालय बनाने के लिए हमारे संस्थापक नें वृहद तपस्या रूपी संघर्ष किया, जिन्होंने देश भर के जिम्मेदार लोगों से संसाधन जुटाने से लेकर नंगे पाव दौड़ भाग लगाकर काशी नरेश से जमीन माँगा, इस उदेश्य से की इसका बेहतर उपयोग शैक्षणिक कार्यों के लिए किया जायेगा।
लेकिन हाल के वर्षों में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के ज़मीन को विश्वविद्यालय प्रशासन एवं जिला प्रशासन के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के मिलीभगत से नारियां गेट स्थित अति महत्वपूर्ण ज़मीन को भू-माफिया द्वारा अवैध निर्माण हेतु मौन सहमति दे दी गई है, कोविड लॉकडाउन के दौरान तिरपाल लगाकर धीरे धीरे अवैध निर्माण शुरू किया, जो अभी लगातार जारी है यह महामना के आदर्शों एवं सपनों पर सीधा प्रहार हैं। जबकि उक्त जमीन पर वाराणसी न्यायालय के 2013 के एक आदेश द्वारा किसी भी निर्माण पर रोक लगाया गया है। उक्त आदेश के अनुपालन क्रम में किसी भी प्रकार के निर्माण से रोक संबंधी बीएचयू रजिस्ट्रार के आदेश वाला एक बोर्ड भी वहां स्थापित किया गया है, परन्तु पिछले 4 सालों से लगातार अवैध निर्माण जारी है, अब वहां पर मैरेज लॉन और हाल का निर्माण भूमाफिया द्वारा किया जा चुका है।
अतः उपयुक्त विषय को दृष्टिगत रखते हुए आपसे निवेदन हैं की अबिलम्ब जांच करते हुए दोषी पदाधिकारियों पर तत्काल कारवाई और अवैध निर्माण की ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया जाये, अन्यथा विश्वविद्यालय का पूरा छात्र समुदाय आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी आपकी होगी।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय पर ज्ञापन सौंप ते छात्र।

