मोक्षदायिनी मणिकर्णिका घाट पर स्थित अति प्राचीन गायत्री मंदिर में माता के जन्मोत्सव बड़े धूमधाम एवं गाजे बाजे के साथ मनाया गया।

वाराणसी
धर्म और आस्था की नगरी काशी जहां कण कण में भगवान विद्यमान हैं वही काशी के मोक्षदायिनी मणिकर्णिका घाट पर स्थित अति प्राचीन गायत्री मंदिर में माता के जन्मोत्सव बड़े धूमधाम एवं गाजे बाजे के साथ मनाया गया।
वहीं गायत्री मंदिर के प्रधान सेवक आनंद गुरु जी से बात करने पर उन्होंने बताया कि मैं पिछले 20 सालों से प्रधान सेवक हूं मेरे गुरु भगवान गोविंद शास्त्री जी के आदेश पर मुझे प्रधान सेवक नियुक्त किया गया है आज माता के जन्मोत्सव के उपलक्ष में या भजन संध्या का भी आयोजन किया गया है अभी तक लगभग 10000 से ऊपर श्रद्धालु आ चुके हैं आज माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है माता को नारियल चुनरी के अलावा अड़हुल के फूल की माला के अलावा तरह-तरह के फूलों की माला एवं अनेक प्रकार के सजावटी सामान से सिंगार किया जाता है इसके बाद माता को अनेकों प्रकार के फल एवं मिष्ठान चढ़ाए जाते हैं उसके बाद माता को प्रकार के भोग लगाए जाते हैं।
आज भजन संध्या के कार्यक्रम देवी कोठा भजन मंडल में गायक पुनीत पागल जी द्वारा मां के भजनों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया वही उनके साथ , संजय महंत जी, राहुल जी, राजू महंत जी

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