वाराणसी। दशाश्वमेघ घाट पर मां गंगा निषाद राज सेवा न्यास के द्वारा आर्थिक बैठक आयोजन किया गया। जिसमें आज 84 घाटों के नाविक समाज के लोग पहुंचे थे। सैकड़ो की संख्या में पहुंचे नाविकों ने नाव न चलने देने का विरोध किया। सभी लोगों ने जमकर नारेबाजी किया है। शंभू साहनी प्रमोद माझी सहित अन्य लोगों में जमकर नारेबाजी किया। समिति के अध्यक्ष प्रमोद माझी ने एक स्वर में कहा कि हम नाविक समाज के लोगों को प्रशासन द्वारा नोटिस जारी करके नाव को गंगा में न चलाएं ने का आदेश पारित कर दिया। इसके साथ ही यह भी आदेश पारित कर दिया गया कि नाव पर बैठक किसी को भी गंगा आरती ना दिखाई जाए। आज लगभग 42 दिन हो गए हैं और अभी तक हम लोगों को कोई भी ऐसा आदेश नहीं आया कि हम लोग गंगा आरती दिखा सके या घाटों पर पहुंचे पर्यटकों को नौका विहार कर सके। जिसके कारण हम नाविक समाज के लोगों के बीच भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बातचीत के दौरान मां गंगा निषादराज सेवा न्यास के संगठन मंत्री शंभू साहनी मैं कहां की आजादी में सबसे आम भोग का निभाने वाले निषाद समाज का जीवन संकट में है। क्योंकि बाहर से पूंजी पतियों को ला पहुंचने के लिए हमारे समाज के नव को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है उनके नाव व क्रुज को धड़ल्ले से चलवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाव मे बैठाकर आरती दिखाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि हमारे समाज के लोग 42 दिन से अपनी नाव संचालन प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब हमारा समाज बिल्कुल टूट चुका है आज हम माझी घर इस प्रार्थना पत्र के माध्यम से प्रशासन से या अनुरोध करते हैं कि हमारी रोजी-रोटी व परिवार की सुरक्षा हेतु नाव का संचालन की अनुमति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि अब हम लोगों के बच्चों की पढ़ाई बूढ़ों की दवाई पेट पालना भी मुश्किल हो गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से राकेश साहनी पप्पू साहनी महेंद्र साहनी सुनील साहनी राजस्थानी सागर साहनी विकास सनी दिनेश साहनी सहित सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहे।


