वाराणसी से संगठित गैंग का मास्टरमाइंड शरद भार्गव गिरफ्तार, 1.30 करोड़ की वित्तीय धोखाधड़ी का मामला उजागर

वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत लंका थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना लंका पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे संगठित गैंग के सरगना शरद भार्गव को हरियाणा से गिरफ्तार किया है।

थाना लंका पुलिस के अनुसार, अभियुक्त शरद भार्गव पुत्र स्व. ध्रुव भार्गव (निवासी फ्लैट नं. 903, विनायका रेजीडेन्सी, लंका, वाराणसी, उम्र 50 वर्ष) को मुखबिर की सूचना पर 36 फर्स्ट फ्लोर, टीडीआई इम्पैरर, नियर टीडीआई मॉल, थाना कुंडली, जनपद सोनीपत (हरियाणा) से दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को शाम करीब 6 बजे गिरफ्तार किया गया।

मामला क्या है

पीड़ित आशीष कुमार अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, अभियुक्त शरद भार्गव व उनकी पत्नी ऋचा भार्गव ने संगठित गिरोह बनाकर व्यापार के नाम पर 1 करोड़ 30 लाख रुपये लिए थे। बाद में केवल 45 लाख रुपये लौटाए, जबकि शेष 85 लाख रुपये का भुगतान धोखाधड़ी कर नहीं किया गया। इस संबंध में थाना लंका पर मु.अ.सं. 441/2025 धारा 316(5)/318(4)/111(2)(ख) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार अभियुक्त शरद भार्गव के खिलाफ पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं —

  1. मु.अ.सं. 441/2025 – थाना लंका, वाराणसी
  2. मु.अ.सं. 128/2024 – थाना चेतगंज, वाराणसी
  3. मु.अ.सं. 019/2024 – थाना चौक, वाराणसी
  4. मु.अ.सं. 009/2024 – थाना कोतवाली, वाराणसी
  5. मु.अ.सं. 017/2024 – थाना लंका, वाराणसी

पुलिस टीम को सफलता

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम —
प्रभारी निरीक्षक राजकुमार, उपनिरीक्षक स्वप्निल सिंह, उपनिरीक्षक अतहर अली, कांस्टेबल सूरज सिंह, अमित शुक्ला, पवन कुमार यादव, अश्विनी सिंह (सर्विलांस सेल) तथा महिला कांस्टेबल रूपम पांडेय की सक्रिय भूमिका रही।

पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन में यह गिरफ्तारी ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ जारी है और अन्य संबंधित आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

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