विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर PsyConnect BookClub ने अपनी पहली वर्षगांठ पर एक प्रेरणादायक और भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्थापक एवं निदेशक शुभम धक्कड़ तथा कार्यक्रम संयोजिका नंदिनी आश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस आयोजन में साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और रचनात्मक विचारों से जुड़े लोगों की भागीदारी रही।
इस अवसर पर क्लब ने न केवल अपने बीते सफर का उत्सव मनाया, बल्कि आने वाले समय के लिए अपने दृष्टिकोण (Vision) को भी साझा किया। इस भविष्य की योजना में शामिल हैं — हर माह नियमित मिलन (Monthly Meetups), सामूहिक पुस्तक पठन सत्र (Reading Circle), प्रेरणादायक स्थलों की शैक्षणिक यात्राएँ (Visits), और लघु कहानियों की मनोविश्लेषणात्मक चर्चाएँ (Short Story Psychoanalysis)। ये सभी पहलें क्लब को एक साहित्यिक और बौद्धिक आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. नेहा पांडेय, सहायक प्रोफेसर, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, बीएचयू द्वारा किए गए उद्घाटन भाषण से हुई। उनके विचारोत्तेजक संबोधन ने कार्यक्रम की गंभीरता और उद्देश्य को बखूबी स्थापित किया।
इसके पश्चात ओपन माइक सत्र में अमन, हर्ष, दिशारी, राहुल, अनन्या, कल्याणी, विदुषी, युक्ति, शुभी, प्रज्ञा, नारायणी और इज़मत जैसे प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने कविताएं, कहानियां और पुस्तक संबंधी अनुभव साझा कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके तुरंत बाद, कार्यक्रम की सबसे भावनात्मक और प्रेरक झलक तब देखने को मिली जब श्री प्रवीण कुमार, मैथमिस्टिक इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक, आईआईटी-बीएचयू 2001 बैच के पूर्व छात्र और 17 वर्षों के शिक्षण अनुभव के साथ, मंच पर पहुंचे।
उनका भाषण न सिर्फ ज्ञानवर्धक था, बल्कि अत्यंत संवेदनशील और विचारोत्तेजक भी रहा।
कार्यक्रम की अन्य मुख्य विशेषताएँ थीं:
- बुक-स्वैप कॉर्नर: जहाँ प्रतिभागियों ने अपनी प्रिय पुस्तकों का आदान-प्रदान किया।
- रिफ्लेक्टिव ज़ोन: एक शांत कोना, जहाँ लोग एकाग्रता के साथ पठन कर सके।
- बुकमार्क निर्माण गतिविधि: एक रचनात्मक और मनोरंजक अनुभव, विशेषकर युवाओं के लिए।
- पुस्तक स्टॉल: जे. कृष्णमूर्ति फाउंडेशन, वाराणसी के सहयोग से आयोजित एक विशिष्ट पुस्तक संग्रह।
- नेटवर्किंग और संवाद: पुस्तकों के माध्यम से नए विचारों और मित्रताओं का विकास हुआ।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और अतिथियों को आभार स्वरूप स्मृति-चिह्न भेंट किए गए और क्लब की आगामी योजनाओं की एक झलक प्रस्तुत की गई।
PsyConnect Book Club द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल पुस्तकों का उत्सव नहीं था, बल्कि उस सामूहिक भावना का जश्न था जो साहित्य और विचारों के माध्यम से लोगों को जोड़ती है।