इंटरनेशनल हिन्दू स्कूल, नगवाँ, लंका, वाराणसी में विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी 09 मई, 2025 दिन (शुक्रवार) प्रातः 9.00 बजे मदर डे (माँ दिवस) मनाया गया है। कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती वंदना से शुरू हुआ। तत्पश्चात् विद्यालय की प्रबंधक संध्या मिश्रा ने अपने भाषण में मॉर्मों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की माँ के लिए जितना भी कहा जाए कम है, माँ ने हमें जीवन का आकार दिया है और माँ ही हमारे परिवारों की नींव है, माँ ही हमारी पहली शिक्षक और मार्गदर्शक है प्यार और समर्थन का निरंतर स्रोत है। ऐसे में हमारा कर्तव्य और फर्ज बनता है कि हम माँ के प्रति अपने प्रेम सम्मान और कृतज्ञता को रोजाना व्यक्त करें हमें चाहिए कि हम माँ के साथ समय बिताएँ उनकी भावनाओं को समझे उनके बुढ़ापे में उनका सहारा बनें। जीवन में सब कुछ मिल जाता है पर माँ नहीं मिलती।

प्रधानाचार्य संतोष कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘माँ प्रकृति में एक संपूर्ण शब्द है जिसे ईश्वर सभी जीवित व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि बनाकर धरती पर भेजा है। हमारे यहाँ शास्त्रों में कहा गया है जननी जन्मभूमिश्च सवर्गादपि गरियसी ।

उक्त कार्यक्रम में कक्षा नर्सरी, एल.के.जी. यू.के.जी के विद्यार्थी एवं अभिभावक इस कार्यक्रम में सम्मिलित थें। इसी श्रृखंला में गेम एक्टीविटी, हेल्दी टिफिन कम्पटीशिन, मदर एक्टीविटि कार्यक्रम भी किया गया।

कार्यक्रम का समापन उप-प्रधानाचार्य एवं विद्यालय प्रभारी गणेश शंकर चतुर्वेदी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक संध्या मिश्रा एवं शैक्षणिक सलाहकार जयंती सामंत एवं सभी शिक्षक एवं शिक्षार्थी भी उपस्थित रहे।

1 thought on “”

  1. यह कार्यक्रम वाकई बहुत प्रेरणादायक लगा। माँ के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का यह तरीका सराहनीय है। विद्यालय ने मदर डे को इतने उत्साह और भावनाओं के साथ मनाया, यह देखकर अच्छा लगा। माँ हमारे जीवन में कितनी महत्वपूर्ण हैं, यह बात सभी को समझनी चाहिए। क्या आपको नहीं लगता कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में मातृत्व के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ती है? मैं सोच रहा हूँ कि क्या इस तरह के आयोजन अन्य स्कूलों में भी होते हैं? अगर हाँ, तो उनमें क्या-क्या अलग होता है?

    Reply

Leave a Comment