स्वामी नारायणानन्द तीर्थ वेद विद्यालय में नवागत प्रवेशित छात्रों का वैदिक विधानपूर्वक उपनयन संस्कार व पत्रकार सम्मान।

वाराणसी शिवाजी नगर कॉलोनी छित्तूपुर रमना स्थित श्री स्वामी नारायणानन्द तीर्थ वेद विद्यालय में नवागत प्रवेशित छात्रों का वैदिक विधानपूर्वक उपनयन संस्कार अस्सी स्थित रामेश्वर मठ में सम्पन्न हुआ। यह संस्कार वेदाध्ययन हेतु प्रथम एवं अनिवार्य संस्कार माना जाता है, जिसके माध्यम से बालकों का प्रवेश ब्रह्मचर्याश्रम में वेदाध्ययन हेतु होता है।

विद्यालय के उपाध्यक्ष विद्या वाचस्पति डॉ दिव्यचेतन ब्रह्मचारी जी महाराज ने इस अवसर पर छात्रों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि —
“उपनयन केवल संस्कार ही नहीं अपितु एक वैदिक जीवन शैली का प्रारम्भ है। यज्ञोपवीतधारण के साथ जब विद्यार्थी गायत्री मंत्र का जप करता है तब वह ज्ञान की उस दिव्यज्योति से जुड़ता है जो आत्मकल्याण एवं राष्ट्रनिर्माण दोनों की आधारशिला है।”
संस्कार का आयोजन वैदिक ऋषि परंपरा के अनुसार किया गया, जिसमें छात्रों को यज्ञोपवीत पहनाकर, आचमन, संकल्प, गायत्री दीक्षा तथा गुरुसेवा की शिक्षा दी गई। विद्यालय के सचिव डॉ रंगनाथ त्रिपाठी ने कहा कि ऋषिकुमारों को वेदविद्या में निष्णात बनाना ही इस संस्था का प्रमुख ध्येय है। उपनयन संस्कार द्वारा ही द्विजत्व की प्राप्ति होती है जिससे बटुक अपने आचार्य के अन्तेवासी के रूप में रहकर विद्याभ्यास करता है।

विद्यालय के कोषाध्यक्ष डॉ कृष्ण कुमार शर्मा ने नवदीक्षित ब्रह्मचारियों को शुभाशीष देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की साथ ही यह भी कहा कि इस प्रकार के संस्कार आज की युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञानपरंपरा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है, जिनका संवर्धन हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।

वेद विद्यालय के संरक्षक वीरव्रती श्री लखन स्वरूप ब्रह्मचारी जी ने बटुकों को उपदेशित करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है, धर्म की रक्षा सनातन की रक्षा से होगा, सनातन की रक्षा वेदादि शास्त्रों की रक्षा से होगा तथा वेदादि शास्त्रों की रक्षा गुरुकुल में रह रहे ब्रह्मचारियों के सतत अध्ययन से होगा।

इस आयोजन को पं. अमित कुमार पाण्डेय के आचार्यत्व में विधिपूर्वक वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सभी संस्कारात्मक विधान डॉ अशोक कुमार पाण्डेय, श्रीनिवास ईनामदार, सुरेश शर्मा, डॉ शंकर प्रसाद गौतम, योगेश, विपुल, अवनीप, अजय आदि ने सम्पन्न कराया तथा इसमें दुष्यन्त मिश्र, नरेन्द्र कुमार, मनीष शंकर दुबे, अमरेश पाण्डेय, सीता भट्ट आदि की विशेष सहभागिता रही।

Leave a Comment